Republic day 2024 speech in hindi , गणतंत्र दिवस भाषण 2024, 26 january republic day speech in hindi

गणतंत्र दिवस के अवसर पर कई स्कूलों में निबंध लेखन और भाषण प्रतियोगिताएं भी होती हैं। अगर आप भी इस मौके पर स्पीच देने की योजना बना रहे हैं तो आप नीचे लिखी स्पीच की मदद ले सकते हैं।


आदरणीय मुख्य अतिथि, मेरे अध्यापकगण और मेरे साथियों
आज भारत अपना 75वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। यानी हम लोग अब गणतंत्र के रूप में 76वें वर्ष में प्रवेश कर गए हैं। 26 जनवरी को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया है। सबसे पहले मैं आपको बताना चाहता हूं कि गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है। दरअसल 15 अगस्त 1947 को भले ही देश आजाद हो गया था लेकिन तब हमारे पास अपना संविधान नहीं था। आजादी के तीन साल बाद हमें अपना संविधान मिला। 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू किया गया था। इस दिन ही हमारे देश को अपना संविधान मिला था। संविधान के बिना कोई देश नहीं चल सकता। संविधान लागू होने के बाद हमारा देश भारत एक गणतंत्र देश बन गया। आज इसी ऐतिहासिक और शुभ दिन की 75वीं सालगिरह है। इस शुभ घड़ी पर मैं आप सभी को, देश और विदेश में रहने वाले सभी भारत के लोगों को हार्दिक बधाई देता हूं।


आज हर नागरिक को भारत की गौरव-गाथा पर गर्व का अनुभव होता है। आजादी के बाद हम भारतवासियों ने बेशुमार उपलब्धियां हासिल की हैं, आज इन्हीं उपलब्धियों का जश्न और उत्सव मनाने का दिन है। आज हमें देश को आजाद कराने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान बनाने वाले महापुरुषों को भी नमन करना चाहिए। हम और हमारा देश, बाबासाहब भीमराव आम्बेडकर का सदैव ऋणी रहेगा जिन्होंने संविधान निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
 जब हमारा देश आजाद हुआ तब ये भयंकर गरीबी व निरक्षरता के कुचक्र में फंसा हुआ था। लेकिन सात दशकों की मेहनत के बाद आज हमारा देश चांद पर पहुंच चुका है।

परमाणु शक्ति संपन्न बन चुका हमारा देश विकसित देशों की लिस्ट में शामिल होने की दहलीज पर है। भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। कोविड-19 महामारी के दौरान पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था की हालत खस्ता हो गई। भारत की अर्थव्यवस्था को भी काफी क्षति पहुंची। लेकिन संघर्ष के दम पर हम बेहद कम समय में मंदी से बाहर आ गए और फिर से अपनी विकास पात्रा को शुरू किया।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ पर भव्य गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन होता है। राष्ट्रपति तिरंगा झंडा फहराते हैं। राष्ट्रगान और ध्वजारोहण के साथ उन्हें 21 तोपों की सलामी दी जाती है। अशोक चक्र और कीर्ति चक्क जैसे महत्वपूर्ण सम्मान दिए जाते हैं। राजपथ पर निकलने बाली झांकियों में भारत की विविधता में एकता की झलक दिखती है। परेड में भारत की तीनों सेना नौ होना, थल सेना और वायु सेना की टुकड़ी शामिल होती हैं और रोना की ताकत दिखती है।


आज देश में समाज के कमजोर और हाशिये पर पड़े तबकों का जीवन सार ऊपर उठाने और मुख्य धारा में लाने के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं चल रही है। अनुसूचित जातियों, जनजातियों, महिलाओं, गरीबों, किसानों, मजदूरों के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत कई पीढ़ियों के लोग हमारे गणतंत्र की अब तक की विकास-गाथा में अमूल्य योगदान के लिए प्रशंसा के पात्र है। किसानों, मजदूरों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों और इंजीनियरों, पुलिसबलों की भूमिकाओं की सराहना करनी चाहिए। देश की प्रगति में योगदान देने वाले प्रत्येक नागरिक की सराहना करनी चाहिए। हमें देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले बहादुर जवानों, सैन्यकर्मियों को भी नहीं भूलना चाहिए जो हमेशा किसी भी त्याग तथा बलिदान के तैयार रहते हैं। इनके जज्बे, शौर्य व हिम्मत को भी सलाम करना चाहिए।

India's new Parliament  (New-Delhi 28 May 2023)

आज हमें अपराध, भ्रष्टाचार, हिंसा, नक्सलवाद, आतंकवाद, गरीबी, बेरोजगारी, लिंग भेद, जशिक्षा जैसी समस्याओं को जड़ से खत्म करने का संकल्प लेना चाहिए। भारत को जब तक इस समस्याओं से बाहर नहीं निकालते तब तक स्वतंत्रता सेनानियों का सपना पूरा नहीं होगा। इसके अलावा अपने आसपास के इलाके के स्वच्छ रखकर हमें भारत सरकार ने स्वच्छता अभियान से भी जुड़ना चाहिए।

एक बार फिर में गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

जय हिन्द! जय भारत !