कतर में 8 सेवानिवृत्त भारतीय नौसेना कर्मियों को मौत की सजा?

कतर अरब प्रायद्वीप के उत्तरपूर्वी तट पर स्थित एकमात्र क्षेत्रीय प्रायद्वीपीय देश है। कतर के दक्षिण में सऊदी अरब है और बाकी तीनों तरफ़ फारस की खाड़ी है, कतर की आबादी पूर्ण रूप से नागरीकृत है। यहां 2.8 लाख नागरिक है, शेष बाहरी और 8 लाख भारतीय नागरिक है। कतर की कुल जनसंख्या 2021 तक 26.9 लाख रहा है। 

कतर में 8 सेवानिवृत्त भारतीय नौसेना कर्मियों को मौत की सजा क्यों सुनाई?

जिस अल दहरा ग्लोबल कंपनी में यह भारतीय नौसेना कार्य करते थे वह कंपनी इटावली तकनिकी आधार पर पनडुब्बियों पर कार्य करती है। और यह कंपनी कतर के सेना को प्रशिक्षित देने का काम भी करती है। और यह रक्षा क्षेत्र में काफी अग्रणी कंपनी है। दरअसल इन  भारतीय नेवी के पूर्व जवानों पर आरोप क्या है ये स्पष्ट नहीं किया गया है। कतर सरकार का आरोप है कि ये भारतीय इजराइल के लिए जासूसी करते थे। इसके बाद 30 अगस्त 2022 को कतर सरकार ने मामले को गंभीरता से लेकर इन 8 भारतीय नौसेना सहित और 2 लोगों को अघोषित आरोप में गिरफ्तार कर एकांत कारावास में डाल दिया गया।

उसके बाद 1 अक्टूबर 2022 को दोहा में भारत के राजदूत और मिशन के उप प्रमुख ने आठों नौसैनिकों से मुलाकात की और 1 मार्च 2023 को दायर कई जमानत याचिकाओं में से आखिरी याचिका ख़ारिज कर दिया गया।

25 मार्च 2023 को आठ भारतीय नौसेनाओं के खिलाफ आरोप दायर कर दिया गया और 29 मार्च से कतरी के तहत मुकदमा सुरु हुआ।
इसके बाद 4 अगस्त को इन नौसैनिकों को कुछ राहत मिली, और इन्हे एकांत कारावास से स्थांतरित कर दिया गया और उन्हें उनके सहयोगियों के साथ जेल वार्ड में डाल दिया गया। 
फिर 26 अक्टूबर 2023 को कतर अदालत ने सभी 8 भारतीय नौसेना को मौत की सजा सुना दी।

भारत सरकार ने 8 भारतीय सेवानिवृत्त नौसैनिकों को फाँसी से कैसे बचाया?

भारतीय नेवी के पूर्व जवानों की फांसी की सजा पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने हैरानी जताई है। मंत्रालय की तरफ से एक बयान जारी कर कहा है कि हम परिवार और कानूनी टीम के संपर्क में हैं। सभी कानूनी विकल्पों पर हम विचार कर रहे हैं। नौ सैनिकों की रिहाई के लिए भारत सरकार ने सभी कानूनी विकल्पों पर विचार शुरू कर दिया है।
भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि मामले पर करीब से नजर रखी जा रही है, हम सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। मंत्रालय की तरफ से पीड़ित भारतीयों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही कतर के अधिकारियों के समक्ष भी इस मुद्दे को उठाया जा रहा हैं। 
अंतः भारत सरकार इन 8 भारतीय नौसैनिकों को बचाने में कामयाब रहा। मीडिया में नौसैनिकों ने बताया कि यह हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, और विदेश मंत्रालय के पर्सनल वार्तालाप से ही संभव हुआ हैं।